
लोकसभा का मानसून सत्र गरम था, लेकिन माहौल तब और तप गया जब गृह मंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि कैसे आतंकियों के मास्टरमाइंड्स को भी नेस्तनाबूद किया गया।
जैसे ही उन्होंने ऑपरेशन की डिटेल शेयर की, सपा सांसद अखिलेश यादव बीच में कूद पड़े। उन्होंने कहा, “आतंकवादियों का आका तो पाकिस्तान है!” इस पर शाह ने तुरंत पलटवार किया—“क्या आपकी पाकिस्तान से बात हुई है?”
ओम बिरला का इशारा- “बैठ जाइए अखिलेश जी!”
लाइव संसद के डायलॉग्स किसी बॉलीवुड स्क्रिप्ट से कम नहीं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी मूक दर्शक नहीं बने रहे। उन्होंने अखिलेश यादव को बार-बार बैठने का इशारा किया। अंततः अखिलेश जी ने अपनी सीट पकड़ ही ली।
ऑपरेशन महादेव: “27 टूरिस्ट मारे, अब तीन आतंकी ढेर”
अमित शाह ने बताया कि कैसे पहलगाम टूरिस्ट किलिंग के पीछे के आतंकियों को ढूंढकर मार गिराया गया। सोमवार को घाटी में सुलेमान जट, फैसल और जिब्रान को ठिकाने लगाया गया। उनके पास से AK-47 और MI-9 राइफलें बरामद की गईं, जिनकी जांच चंडीगढ़ के SFL लैब में पूरी रात चली।
वहीं, वैज्ञानिकों ने पुष्टि की कि यही हथियार पहलगाम घाटी के नरसंहार में इस्तेमाल हुए थे। आतंकियों को खाना देने वाले लोकल लोगों ने भी इनकी पहचान कर दी।

“आतंकियों का धर्म देखकर दुखी न हों” – शाह की सधी हुई सलाह
शाह ने विपक्ष की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “मैं उम्मीद कर रहा था कि जब विपक्ष को आतंकियों के मारे जाने की जानकारी मिलेगी, तो खुशी होगी… पर इनके चेहरे तो मुरझा गए!”
और फिर तीर चला—
“आतंकियों का धर्म देखकर दुखी मत होइए, आतंकवादी तो आतंकवादी होता है।”
देशभक्ति का शो, विपक्ष के चेहरे लो!
संसद में इस बार एक्शन, ड्रामा और सस्पेंस सब कुछ दिखा। जहां शाह ने पूरी स्क्रिप्ट के साथ “ऑपरेशन महादेव” और “सिंदूर” का पर्दाफाश किया, वहीं विपक्ष ने संवाद के बजाए दुखभरी चुप्पी और बेमौका टोका-टोकी का प्रदर्शन किया।
अगर अगली बार शाह बोले, तो विपक्ष कान खोलकर सुने, वरना “बैठ जाइए” फिर से गूंजेगा!
और हाँ, पाकिस्तान से बात करने से पहले, संसद की सीट कन्फर्म करवा लीजिए!
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